हार नहीं, कोशिश जीतती है
एक छोटे से गाँव में रहने वाला आरव पढ़ाई में बहुत होशियार नहीं था, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। वह शहर जाकर एक अच्छा इंजीनियर बनना चाहता था। गाँव के लोग अक्सर उससे कहते, “तुमसे नहीं होगा, अपने बस की बात सोचो।” लेकिन आरव ने मन में ठान लिया था कि उसे हार नहीं माननी है।
आरव के पास न तो महँगी किताबें थीं और न ही कोचिंग की सुविधा। वह रात को दीपक की रोशनी में पढ़ाई करता, दिन में खेतों में पिता की मदद करता और बचे हुए समय में खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। कई बार वह परीक्षाओं में असफल हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी। हर असफलता से उसने कुछ नया सीखा और फिर से मेहनत में जुट गया।
एक दिन उसकी मेहनत रंग लाई। आरव का चयन एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में हो गया। पूरा गाँव खुशी से झूम उठा। जिन लोगों ने कभी उस पर विश्वास नहीं किया था, वही लोग अब उसकी सफलता पर गर्व कर रहे थे।
आरव ने कहा, “सफलता किस्मत से नहीं मिलती, वह लगातार कोशिशों से मिलती है। अगर आप सच्चे मन से मेहनत करते हैं, तो एक दिन आपकी कहानी भी दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती है।”
सीख: असफलता अंत नहीं है, वह सफलता की पहली सीढ़ी है। मेहनत, धैर्य और विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें।
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